निदेशक संदेश

‘इरिसेन’ भारतीय रेल पर कार्यरत सभी सिविल इंजीनियरों के लिए एक अपना संस्‍थान है। बहुत साल पहले 1959 में “रेलपथ प्रशिक्षण स्‍कूल” के रूप में मामूली सी शुरूआत से इसके मौजूदा स्‍वरूप तक आगे की भूमिका पर सभी प्रशिक्षुओं को गर्व है।

इरिसेन रेलवे सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ज्ञान के प्रसार के माध्‍यम से योगदान दे रहा है। हम सक्रिय रूप से भारतीय रेल के अधिकारियों को ही नहीं बल्कि प्रोजेक्‍ट मैनेजमेंट परामर्शदाता, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और विदेशी रेलों को भी प्रशिक्षण देने में लगे हुए हैं। सतत प्रयास के रूप में, शिक्षा के क्षितिज का विस्‍तार के लिए इरिसेन अपनी वेबसाइट के माध्‍यम से सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ अपनी पहुंच बढ़ा रहा है।

लगभग 5000 सदस्‍यों और 2000 से अधिक औसत दैनिक विजिटर इसकी लोकप्रियता का प्रतीक है। मौजूदा परिस्थिति में भारतीय रेलवे नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसमें विकास और नई खोज की अपार संभावनाएं हैं।

इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विजन 2020 में कार्पोरेट उद्देश्‍यों को साकार करने में अहम भूमिका निभाने की जरूरत है। हम कार्पोरेट उद्देश्‍यों की ओर योगदान करने के लिए निरंतर सहयोग के लिए तत्‍पर हैं।

शुभकामनाओं सहित सादर,

अजय गोयल
निदेशक / इरिसेन